देश के लगभग 81.30 करोड़ लोगों तक समय पर और सही मात्रा मे राशन पहुचे। इसके लिए केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) मे बड़ा बदलाव करने जा रही है प्रधानमंत्री की अगुआई मे बुधवार को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने एक नई ‘सार्थक पीडीएस ‘ योजना को मंजूरी दी है ।
सरकार का कहना है कि इस योजना मे पाँच वर्षों मे कुल 25,530 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे । जिससे एक नई व्यवस्था से राशन वितरण को और अधिक पारदर्शी और तेज व भरोसेमंद बनाया जायेगा ।

कालाबाजारी पर रोक :
सरकार इसे गरीबों के लिए अधिक भरोसेमंद और आधुनिक राशन व्यवस्था बनाने की दिशा मे एक बड़ा कदम बता रही है सरकार का मानना है की इससे कालाबाजारी और फर्जी राशन कार्डों पर रोक लगेगी तथा गरीबों को उनका पूरा हक मिलेगा । इसका पूरा उद्देश्य राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया को एक ही डिजिटल सिस्टम से जोड़ना है जिससे इसके हर चरणों की निगरानी आसानी से हो सके ।
इससे पता लगाना आसान होगा की किस राज्य मे कितना अनाज पहुच रहा है । किस दुकान पर कितना राशन वितरण हुआ और कहा कहा गड़बड़ी की गई । अभी इसे दो योजनाओ मे बाटा गया है पहली योजना मे भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों से अनाज को राज्यों ,ब्लाकों और राशन दुकानों तक पहुचाने मे आर्थिक मदद दी जाती है । दूसरी योजना मे स्मार्ट PDS के जरिए राशन व्यवस्था को डिजिटल और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है ।
लागू :
अब सरकार ने दोनों योजनाओ को मीलाकर यक नई एकीकृत व्यवस्था बनाई है जो की 31 मार्च 2031 तक लागू रहेंगे । अब राशन व्यवस्था मे एआई ,मशीन लर्निंग और ब्लाकचेन जैसे आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। अब सिस्टम खुद पहचान लेगा की कहा वितरण धीमा है , कहां अनाज की चोरी हो रही है ।

डीलर कमीशन :
सरकार का कहना है की अब केंद्र सरकार खर्च मे मदद करेगी । साथ ही राशन डीलरों का कमीशन भी बढ़ाया जायेगा । लंबे समय से डीलर कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहे थे । क्योंकि अंतिम व्यक्ति तक अनाज पहुचाना तभी संभव होगा , जब राज्यों और राशन दुकानदारों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए । इसलिए नई योजना में वित्तीय सहायता और तकनीकी सुधार दोनों को साथ जोड़ा गया है ।