रांची में जेपीएससी और जेएसएससी अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्रों का प्रदर्शन में एक छात्र राहुल की तबीयत अचानक बहुत बिगड़ चुकी है। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। छात्रों ने घटनास्थल पर 24 घंटे चिकित्सा सुविधा और डॉक्टर की तैनाती की मांग की है।
रांची प्रोटेस्ट: जेपीएससी और जेएसएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में छात्रों के चल रहे आंदोलन के बीच अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कि अचानक तबियत बिगड़ गई।
पिछले 6दिनों से जयपाल सिंह स्टेडियम में अनशन पर बैठे देवेंद्र की हालत खराब होने के बाद मौके पर बैठे साथियों और चिकित्सकों ने उनकी निरंतर निगरानी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि फिलहाल वो ठीक से बोलने की स्थिति में नहीं है। इससे पहले छात्र बी पांडे और अन्य छात्रों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
छात्रों की बिगड़ी तबीयत: नारेबाजी के दौरान आंदोलनकारी छात्र बी पांडे की तबीयत बिगड़ गई , और उन्हीं के साथ-साथ दो और आंदोलनकारी की तबीयत अचानक बिगड़ने से उन्हें भी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आंदोलनकारी छात्र राहुल की तबीयत अचानक ज्यादा खराब होने की वजह से उन्हें आईसीयू में भरती कराया गया। राहुल की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर प्रशासन भी सक्रिय हो गया एसडीओ और एसडीएम फौरन ही सदर अस्पताल में पहुंचे। जहां पर उन्होंने चिकित्सकों से राहुल की स्वास्थ्य की जानकारी ली। और आवश्यक चिकित्सा सुविधा करने का निर्देश दिया।
और दूसरी तरफ आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार पर यह आरोप लगाया कि लगातार छात्रों की स्थिति खराब हो रही है लेकिन उनके स्वास्थ्य की बेहतर कोई चिकित्सा व्यवस्था नहीं किया गया है। छात्रों ने मांग की है कि 24 घंटे धरना स्थल पर ट्रैक्टरों की टीमें तैनात किए जाएं ताकि तबीयत बिगड़ने पर तत्काल प्रभाव से इलाज मिल सके। छात्रों का कहना है कि स्वास्थ्य की अनदेखी से किसी भी समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
वर्तमान समय में तीन छात्र अनशन पर बैठे हैं आंदोलन कार्यों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। दूसरी ओर राहुल क्रांति के अस्पताल पहुंचने के बाद दूसरे आंदोलनकारीयो की जांच तेज कर दी गई है ।
आंदोलनकारी: आंदोलन कारियो का कहना है कि सरकार को सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए उसे धरातल पर उतरकर भी स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। ताकि हमारे छात्रों को तत्काल इलाज मिल सके। अगर सरकार अनदेखी करती रही तो अनेक आंदोलन कार्यों की तबीयत भी गंभीर हो सकती है।
छात्र राहुल को आईसीयू में भर्ती होने के बाद आंदोलन के प्रति छात्रों की चिंता और अधिक बढ़ गई है। आप सभी छात्रों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और आंदोलन को लेकर सरकार के रुख पर टिकी हुई है खैर आपका इस पर क्या राय है कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा धन्यवाद।